उत्तराखंड
जौनसार-बावर महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी ने की विकास योजनाओं की झड़ी…
देहरादून, 8 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने, यमुना नदी पर 60 मीटर स्पैन पुल निर्माण, छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग निर्माण, सकरोल से द्वितीय सिद्धपीठ श्री महासू महाराज थैना तक सड़क निर्माण तथा विभिन्न पेयजल एवं संपर्क मार्ग परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार-बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मेहनतकश और स्वाभिमानी जनता तथा समृद्ध लोक संस्कृति के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां की परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर में उन्हें उत्तराखंड की मूल आत्मा के दर्शन होते हैं। यहां के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी परंपराएं केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर वहां सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि बाजपुर और चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनजातीय विद्यार्थियों को प्राथमिक से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है तथा प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है। चकराता क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 56 योजनाओं में से 51 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे क्षेत्र में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-707 एवं 707ए का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर भी कार्य गतिमान है।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव नरेन्द्र तोमर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।























