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सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी…

उत्तराखंड

सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी…

टिहरी 20 अप्रैल। गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों के साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने हिस्सा लिया। हाई एल्टीट्यूड मैराथन के तहत प्रतिभागियों ने केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम को जोड़ने वाले केदार-बद्री ट्रेल पर हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी की।

उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल साहसिक खेल नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्गों से जुड़ने का भी माध्यम है। सेना ऐसे आयोजनों के जरिए न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि युवाओं को प्रेरित कर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का युवा आत्मविश्वास से परिपूर्ण है और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

उन्होंने राज्य में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में बहती गंगा नदी, मुनस्यारी की ऊँचाइयों से लेकर टिहरी झील तक पूरा प्रदेश एडवेंचर टूरिज्म का सशक्त केंद्र बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के व्यापक नेटवर्क से आवागमन सुगम हुआ है, जिससे पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी मजबूती मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा माणा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के दौरे को भी सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान दिलाने वाला बताया।

कार्यक्रम में मेजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और पारंपरिक यात्रा मार्गों को पर्यटन से जोड़ना है। 113 किलोमीटर लंबी इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर विधायक विनोद कण्डारी, मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख देवप्रयाग विनोद बिष्ट, कीर्तिनगर अंचला खण्डेवाल, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, कुलपति प्रकाश सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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